फरीदाबाद। जिले से बाल तस्करी और बाल श्रम का गंभीर मामला सामने आया है। सेक्टर-31 थाना पुलिस और शक्ति वाहिनी एनजीओ की संयुक्त टीम ने आईपी कॉलोनी से दो नाबालिग बच्चियों को रेस्क्यू किया। दोनों सगी बहनें हैं, जिनकी उम्र लगभग 11 और 13 साल बताई जा रही है। वे मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले की रहने वाली हैं और पिछले दो से तीन साल से फरीदाबाद में घरेलू कामकाज कर रही थीं।

सूचना पर हुई कार्रवाई, बच्चियां सुरक्षित निकाली गईं
शक्ति वाहिनी एनजीओ के डायरेक्टर निशिकांत ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि आईपी कॉलोनी में दो बच्चियों को अवैध तरीके से लाकर घरों में काम कराया जा रहा है। इस पर तुरंत सेक्टर-31 पुलिस को अलर्ट किया गया। संयुक्त कार्रवाई में बच्चियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
पिता की भाभी लेकर आई थी फरीदाबाद
जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चियों को उनके पिता की भाभी करीब 2-3 साल पहले फरीदाबाद लेकर आई थी और उन्हें अलग-अलग घरों में काम पर लगा दिया था। नाबालिग होने के बावजूद दोनों से घरेलू काम करवाया जा रहा था। इस दौरान वे परिवार से दूर मजबूरी में जीवन बिता रही थीं।
मेडिकल और काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी
रेस्क्यू के बाद पुलिस ने दोनों बच्चियों का मेडिकल कराया और उन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सामने पेश किया। कमेटी के आदेश पर फिलहाल दोनों को शेल्टर होम भेज दिया गया है, जहां उनकी देखभाल और काउंसलिंग की जा रही है।
सेक्टर-31 थाना प्रभारी बोले- जांच जारी
थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चियों को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस बाल तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
