फरीदाबाद। दोस्ती पर भरोसा करने वाले दिनेश को अंदाज़ा भी नहीं था कि उसके अपने साथी ही उसकी मौत की वजह बन जाएंगे। सात महीने पहले दोस्तों संग शराबखोरी के दौरान हुआ झगड़ा इतना बढ़ा कि तीन ने मिलकर चौथे दोस्त की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी शव को ताजुपुर जंगल में फेंक आए और मामला दबाने की कोशिश की।

घटना कैसे हुई
1 फरवरी 2025 की रात चार दोस्त ऑटो में बैठकर शराब पी रहे थे। नशे की हालत में बहस छिड़ गई और गुस्से में तीनों ने मिलकर दिनेश का गला दबा दिया। उसकी पहचान मिटाने के लिए चेहरे को नुकसान पहुँचाया और शव जंगल में छोड़कर भाग निकले।
अगली सुबह गांव के सरपंच को जंगल में लाश मिली और तुरंत पुलिस को खबर दी गई।
पहचान और जांच
लाश की हालत खराब होने से पहचान मुश्किल थी। दो परिवारों ने उसे अपना बताया, लेकिन डीएनए टेस्ट के बाद साफ़ हुआ कि मृतक दिनेश ही था। कपड़ों से भी पहचान की पुष्टि हुई।
क्राइम ब्रांच की मेहनत
मामला कई महीनों तक उलझा रहा। इसके बाद डीएलएफ क्राइम ब्रांच ने जांच संभाली। लगभग 70 लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों दोस्तों – सोहेल खान (डायल नगर), आज़ाद (सिहतपुर) और शिवशंकर – को पकड़ लिया। पूछताछ में तीनों ने अपराध कबूल कर लिया।
वर्तमान स्थिति
पुलिस ने सोहेल और आज़ाद को रिमांड पर लिया है, जबकि शिवशंकर को जेल भेज दिया गया है।
यह वारदात दिखाती है कि नशे और गुस्से में इंसान कैसे रिश्तों को तोड़कर खौफनाक अपराध कर बैठता है। सात महीने की लगातार जांच के बाद आखिरकार पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझा लिया और आरोपियों को क़ानून के शिकंजे में ला दिया।
