फरीदाबाद जिले में यमुना नदी उफान पर है। नदी के जलस्तर बढ़ने से बसंतपुर और इस्माइलपुर गांवों के करीब 50 घरों में फिर से जलभराव हो गया, जबकि मंझावली, मोहताबाद, बेला, शेखपुर, घुड़ासन, घरोड़ा, अरुआ और चांदपुर जैसे गांवों के खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं।
प्रशासन ने हालात को देखते हुए पूरे इलाके को अलर्ट पर रखा है। मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पंचायतों के सरपंच, पंचायत सचिव और पटवारियों को गांव-गांव निगरानी करने को कहा गया है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
जानकारी के मुताबिक, ओखला बैराज से 42,006 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि पहले से ही यमुना का जलस्तर ऊंचा चल रहा था। पानी नदी के घेरे से बाहर आकर खेतों और गांवों में भर गया है।
एसडीएम मयंक भारद्वाज ने यमुना किनारे के प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सरपंचों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी ग्रामीण को यमुना किनारे न जाने दें और खेतों में मौजूद किसानों को तुरंत घर वापस बुला लिया जाए।
तहसीलदार यशवंत सिंह ने बताया कि इस्माइलपुर और बसंतपुर में प्रशासन की टीमें तैनात हैं। टीम में पुलिस, पटवारी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। वे लगातार घर-घर जाकर यह देख रहे हैं कि कोई परिवार फंसा हुआ तो नहीं है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालकर सहायता शिविरों या फिर रिश्तेदारों के घरों में ठहराया जा रहा है
