फरीदाबाद, दक्षिणी दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सीधा और सुगम सफर कराने वाली औद्योगिक नगर कालिंदी कुंज सड़क को फोरलेन बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। फिलहाल टू-लेन इस सड़क को चौड़ा करने के लिए 1603 पेड़ों की पहचान कर ली गई है, जिन्हें हटाया जाएगा।

एमओयू पर टिकी मंजूरी
इस सड़क का अधिकार उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के पास है। निर्माण का कार्य भी वही करेगा, जबकि बजट फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) देगा। इसके लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होना बाकी है। प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार के पास लंबित है। जैसे ही एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे, परियोजना को गति मिलेगी।
पूर्व सीएम की घोषणा अब होगी पूरी
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने तीन साल पहले इस सड़क को फोरलेन बनाने की घोषणा की थी। इसके पूरा होने पर फरीदाबाद से ग्रेटर नोएडा, नोएडा और दक्षिणी दिल्ली तक पहुंचना आसान और तेज़ हो जाएगा।
20 किलोमीटर सड़क, 285 करोड़ का बजट
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कालिंदी कुंज से पल्ला ब्रिज तक पहले ही छह लेन का बनाया गया है। अब पल्ला ब्रिज से साहूपुरा तक 20 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन किया जाएगा। इसके लिए 285 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
यह सड़क आगे चलकर नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ने वाले राजमार्ग से मिलेगी। हजारों वाहन चालकों को इससे राहत मिलेगी।
सुविधाओं से लैस होगी सड़क
फोरलेन सड़क 20 मीटर चौड़ी होगी। इसके साथ साइकिल ट्रैक और फुटपाथ भी बनाए जाएंगे। वर्तमान में टू-लेन सड़क पर अंधेरा और जाम लोगों की बड़ी समस्या है। इस परियोजना से न केवल फरीदाबाद बल्कि पलवल के लोगों को भी राहत मिलेगी।
