मुख्यमंत्री नायब सैनी के आदेश पर फरीदाबाद जिला प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को लेकर सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। जिला उपायुक्त विक्रम सिंह और निगम आयुक्त ने अधिकारियों को साफ-सफाई पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। अब अधिकारियों को रोजाना अपने-अपने वार्डों का निरीक्षण करना होगा।

निरीक्षण के दौरान आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि और पार्षद भी मौजूद रहेंगे, ताकि यह प्रक्रिया केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे। निरीक्षण की रिपोर्ट अधिकारियों के साथ-साथ आरडब्ल्यूए से भी ली जाएगी। सड़क से कूड़ा हटाने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि समस्या को लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
बुधवार को सेक्टर-12 हुडा कन्वेंशन हॉल में हुई बैठक में उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि स्वच्छता अभियान 11 सप्ताह तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इंदौर की तरह फरीदाबाद को भी स्वच्छता में अव्वल बनाने के लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है।
बैठक में यह भी तय हुआ कि शहर के उद्यमी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएँगे। उपायुक्त ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे हर शनिवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक कर्मचारियों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाएँ। जिले में करीब 25 हज़ार उद्योग हैं, जिनके सहयोग से अभियान को रफ्तार मिलेगी। साथ ही, सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पूरी तरह से रोक लगाने पर भी ज़ोर दिया गया।
महापौर प्रवीण जोशी ने बैठक में कहा कि आरडब्ल्यूए और पार्षद लोगों को निगम के 311 ऐप के बारे में जागरूक करें। इस ऐप पर कोई भी नागरिक अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। इसके अलावा, निगम का कॉल सेंटर भी जल्द शुरू होगा, जहाँ शिकायतों की सुनवाई और समाधान किया जाएगा।
बैठक में मेयर प्रवीण बत्रा जोशी, एडीसी सतबीर मान, एसडीएम त्रिलोक चंद, अमित कुमार, मयंक भारद्वाज सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
